हिमालय के दक्षिण
Thursday, August 4, 2011
यही है हमारी संस्कृति?
ये दोनों बोर्ड, एक हीं पत्थर पर लिखी है. चेन्नई सेंट्रल रेलवेस्टेशन पर लगी है.
बीस सालों से यह तमाशा देख रहा हूँ. यह किसका अपमान है? देवनागरी लिपि का? हिंदी भाषा का? महात्मा गाँधी का? या इनसे जुड़े लोगों का?
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